Causes And 100% Treatment Tips For Premature Ejaculation शीघ्रपतन के कारण और उपचार
शीघ्रपतन एक ऐसी समस्या है जिसमें पुरुष अपने वीर्य को नियंत्रित नहीं कर पाता है और सेक्स के दौरान बहुत जल्दी उसका निकल जाना। यह समस्या दर्दनाक नहीं होती है लेकिन इससे पुरुष और उसकी साथी के बीच संबंधों में समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।
शीघ्रपतन के कारणों में शामिल हैं ज्यादा तनाव, मानसिक तनाव, स्वास्थ्य सम्बंधी समस्याएं, धातु रोग, मधुमेह आदि। यह समस्या युवा और मध्यम उम्र के पुरुषों में आमतौर पर देखी जाती है।
इस समस्या का समाधान करने के लिए कुछ सरल उपाय होते हैं जैसे प्राणायाम करना, सेक्स से पहले व्यायाम करना, सही आहार लेना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाना आदि। इसके अलावा अधिक गंभीर मामलों में दवाओं या विशेषज्ञ की सलाह भी ली जा सकती है।
शीघ्रपतन के कुछ मुख्य कारण होते हैं जैसे :
मानसिक तनाव: ज्यादा मानसिक तनाव वाले पुरुषों में शीघ्रपतन की समस्या ज्यादा देखी जाती है इसका मतलब है कि अगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा तनाव में रहता है, तो उसे सेक्स संबंधित समस्याएं होने की संभावना ज्यादा होती है। यह तनाव हो सकता है नौकरी, प्रेशर, धन की कमी या अन्य चीजों से संबंधित हो। इससे मन में बुरे विचार आते हैं जो शारीरिक रूप से शीघ्रपतन को बढ़ाते हैं।धातु रोग: धातु रोग एक स्वस्थ पुरुष के शुक्राणुओं का नुकसान होने से होता है। शुक्राणुओं का उत्पादन सीमित मात्रा में होता है या फिर कमजोर शुक्राणुओं के कारण उन्हें नियंत्रित करने में असमर्थ हो जाते हैं। धातु रोग का एक मुख्य लक्षण होता है कि व्यक्ति सेक्स के समय जल्दी से शीघ्रपतन हो जाता है। इस समस्या से जुड़े अन्य लक्षण शामिल हैं जैसे कि नपुंसकता, कमजोर ताकत या यौन इच्छा में कमी। यह समस्या विभिन्न कारणों से हो सकती है जैसे शारीरिक और मानसिक तनाव, अनुवांशिक विकार या दुर्बल शुक्राणुओं के कारण।
स्वस्थ्य सम्बंधी समस्याएं: शारीरिक और मानसिक समस्याओं के अलावा, मधुमेह, हृदय रोग जैसी समस्याओं से ग्रसित पुरुषों में भी शीघ्रपतन की समस्या देखी जा सकती है। इन समस्याओं से ग्रसित पुरुषों में नपुंसकता और कमजोर ताकत की समस्या होती है जो शीघ्रपतन के लिए एक मुख्य कारण होती है। इसलिए, यदि आपको शीघ्रपतन की समस्या है तो आपको अपने डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और उन्हें अपनी पूरी मेडिकल हिस्ट्री बतानी चाहिए।
सेक्स से जुड़ी समस्याएं: शीघ्रपतन की समस्या बहुत सारे कारणों से हो सकती है जैसे कि सेक्स से पहले थकान या उत्साह कम होना। इसके अलावा, ज्यादा मानसिक तनाव, जल्दी संतुष्ट हो जाना, विवाहित जीवन में संयोग कम होना आदि भी शीघ्रपतन के कारण हो सकते हैं। इसके अलावा, धातु रोग, नपुंसकता, मधुमेह जैसी बीमारियों से ग्रसित पुरुषों में भी शीघ्रपतन की समस्या देखी जा सकती है।
अनुभव की कमी: अनुभव की कमी शीघ्रपतन की समस्या को बढ़ाती है क्योंकि इससे पुरुष के शरीर और मन की संतुलितता ख़तरे में पड़ जाती है। ज्यादा अनुभव वाले पुरुषों को शीघ्रपतन की समस्या कम होती है क्योंकि उन्हें अपने शरीर की बेहतर जानकारी होती है और वे अपनी सेक्सुअल इक्षा को नियंत्रित कर सकते हैं।
गलत खानपान और शराब पीना: शराब और धूम्रपान शीघ्रपतन की समस्या को बढ़ाते हैं और शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए इन्हें कम से कम उपयोग करना चाहिए या फिर ना करना चाहिए। साथ ही गलत खानपान जैसे तले हुए चीजें, तले हुए खाने, मिठाई, चाय और कॉफी भी शीघ्रपतन की समस्या को बढ़ाते हैं। इसलिए स्वस्थ खान-पान का पालन करना बेहद आवश्यक है।
शीघ्रपतन के लिए मुख्य उपचार कुछ इस प्रकार हैं:
शीघ्रपतन से निपटने के लिए कुछ प्राणायाम निम्नलिखित हैं:
कपालभाती प्राणायाम शरीर के लिए बहुत लाभदायक होता है। यह एक प्रकार का उच्च श्वासायाम योग है जिसमें शरीर को ताजगी और ऊर्जा मिलती है। यह श्वसन प्रणाली को तंदुरुस्त रखने में मददगार होता है और श्वसन तंत्र की क्रियाओं को शांत करता है।
इस प्राणायाम को करने के लिए निम्न चरणों का पालन करें:
- समय तय करें, सुबह या शाम के समय अच्छा होता है।
- सही आसन में बैठें। साधुकुंड आसन इस प्राणायाम के लिए उत्तम होता है।
- अपने दोनों हाथों को पेट के ऊपर रखें।
- अपनी ध्यान केंद्रित करें और अंखें बंद करें।
- अपने पेट से अंदर की ओर अंदर लीजिए और फिर अपने पेट को बाहर की ओर धीरे से फूंकें। इस प्रक्रिया को जारी रखें।
- अगले कुछ सेकंडों के लिए अपनी सांस को संभालें।
- फिर से प्रक्रिया को दोहराएं।
- इसे 10 बार करें और धीरे-धीरे इसे बढ़ाते जाएं। शुरू में इसे 10 से शुरू करें और फिर यह आवश्यक होने पर अपनी क्षमता अनुसार बढ़ाएं।
इस प्रक्रिया को दो बार या तीन बार दिन में करने से शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ता है, श्वसन प्रणाली मजबूत होती है और मन भी शांत होता है
उज्जायी प्राणायाम: इस प्राणायाम के द्वारा शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और मन शांत होता है। यह प्राणायाम शीघ्रपतन से निपटने के लिए बहुत उपयोगी होता है।
उज्जायी प्राणायाम के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
- श्वास बंद करने के लिए अपने गले को बांध लें।
- अपने दोनों हाथों को अपने नाभि के पास रखें।
- नीचे की ओर सूस करते हुए अपनी आवाज को सुनें। यह आपको अपनी उच्च श्वास की गति को कम करने में मदद करेगा।
- अपनी सांस को अवशोषित करने के बाद, श्वास फिर से खोलें और आराम से श्वास छोड़ें।
- इसे 5-10 बार दोहराएं।
ध्यान रखें कि उज्जायी प्राणायाम को विशेष रूप से श्वसन द्वारा किया जाता है जो आपके गले में उत्पन्न होने वाली शब्दों की गति को रोकता है। इसे स्वस्थ रहने के लिए नियमित रूप से किया जाना चाहिए।
अनुलोम विलोम प्राणायाम: अनुलोम विलोम प्राणायाम एक बहुत ही प्रभावी प्राणायाम है जो संयमित रूप से किया जाना चाहिए। इस प्राणायाम को बैठे हुए किया जाता है।
अनुलोम विलोम इस प्राणायाम को करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स का पालन करें:
- सुखासन लें और आंतरिक शांति के लिए अपनी आंखें बंद करें।
- अपने नाक के दाहिने नथुने को अंगूठे से दबाएं और अपने नाक से साँस छोड़ें।
- अब अपने नाक के बाएँ नथुने को अंगूठे से दबाएं और अपनी बाएं नाक से साँस छोड़ें।
- साँस को नीचे की ओर ले जाएं ताकि आपकी फुलाई हुई पेट के साथ अधिक वायु निकल सके।
- धीरे-धीरे साँस को अंतिम तक भरें और फिर अपने नाक से बाहर की ओर साँस छोड़ें।
- इसे एक से दो बार बाईं नाक से और एक से दो बार दाहिने नाक से करें।
अनुलोम विलोम प्राणायाम के लाभों में मानसिक तनाव को कम करना, दिल की समस्याओं को कम करना, श्वसन विकारों को दूर करना और शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीजन से भरना शामिल है।
भ्रामरी प्राणायाम: इस प्राणायाम के द्वारा मन शांत होता है और शीघ्रपतन से निजात मिलती है। इस प्राणायाम को सुबह और शाम दोनों टाइम पर करना चाहिए।
- सही ढंग से बैठें या खड़े हो जाएं।
- अपनी आंखें बंद करें और ध्यान केंद्रित करें।
- अपने दोनों हाथों के अंगूठे को कानों पर रखें।
- अपने श्वास को सामान्य ढंग से चलाएं।
- अपने नाक के माध्यम से गहरी सांस लें।
- सांस छोड़ते समय एक नीचे के स्वर में ब्रमरी की आवाज निकालें।
- धीरे-धीरे अपनी सांस को छोड़ते हुए, अपने आसपास के ध्वनियों को सुनते रहें।
- फिर से सांस लेने से पहले कुछ समय ध्यान में बने रहें।
भ्रामरी प्राणायाम एक प्रकार का प्राणायाम है जिसमें ध्यान को एकीकृत बनाने के लिए नाक के माध्यम से उच्च स्वर में हमारी श्वासगति को नियंत्रित किया जाता है। यह प्राणायाम मन को शांत रखने और तनाव को कम करने में मददगार होता है।
शीघ्रपतन से निपटने के लिए कुछ शारीरिक व्यायाम निम्नलिखित हैं:
केगल एक्सरसाइज एक प्रकार की पैलवानी है, जो पुरुषों और महिलाओं दोनों के लिए फायदेमंद होती है। यह पैलवानी पुरुषों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण होती है क्योंकि इससे उनकी पुरुष रोगों की समस्या भी दूर होती है।
केगल एक्सरसाइज के लिए निम्नलिखित चरणों का पालन करें:
1. सबसे पहले, पेशाब करने के लिए जाएं और जब आप पेशाब कर रहे हों, उसे बीच में ही रोक दें। इससे आपको आपकी पैलवानी का पता चल जाएगा।2. अब आपको अपने फेफड़ों को नीचे करते हुए अपनी ठुड्डी को टांगों के बीच में खींचना होगा। इसे केगल एक्सरसाइज कहा जाता है।3. अब आपको अपनी ठुड्डी को धीरे से उपर उठाना होगा। ध्यान रखें कि आप अपनी ठुड्डी को ज्यादा ऊपर न उठाएं।4. इसे कुछ समय तक रोकें और फिर धीरे से छोड़ें। आप इस एक्सरसाइज को 10-15 बार दोहरा सकते हैं।
आप रोजाना केगल एक्सरसाइज कर सकते हैं। इससे आपकी पैलवानी मजबूत होती है
- एक आसन पर बैठें जिसमें आपके पैर आराम से फैले हों और आपकी पीठ सीधी हो।
- अपने दोनों हाथों से अपने पैरों की अंगुलियों को पकड़ें जिससे आपकी टांगों में थोड़ा दबाव आए।
- धीरे-धीरे अपने श्वास को भरें और अपने ऊपरी शरीर को उठाकर अपने आगे की ओर झुकाएं।
- इस अवस्था में, अपने दोनों हाथों को अपने पैरों को खींचते हुए अपनी टांगों को उच्चतर ढंग से उठाएं। यदि आप चाहें तो अपने सीधे हाथों को अपने घुटनों के पास भी रख सकते हैं।
- अपने ऊपरी शरीर को कुछ समय तक उसी स्थिति में रखें और फिर धीरे-धीरे अपनी सांसें छोड़ते हुए अपने आराम से बैठ जाएं।
इस आसन को सामान्यतः 15 सेकंड तक की अवधि के लिए रोजाना करना चाहिए।
- मैदान में एक योगमाट या चटाई बिछाएं।
- अपनी पीठ के समान बैठें और अपने दोनों पैरों को आगे की ओर फैलाएं।
- अब आपके हाथ पैरों की उंगलियों से जुड़े हुए होंगे।
- अपनी श्वास को धीरे से बाहर निकालते हुए अपने शरीर को आगे की ओर झुकाएं। आपका सिर अपने नीचे लटकना चाहिए।
- अब अपने श्वास को धीरे से अंदर लें और अपने हाथों को आगे की ओर फैलाएं और अपने आसन को बनाए रखें।
- इस स्थिति में 20 सेकंड तक रहें।
- धीरे से श्वास बाहर निकालें और अपने पैरों को वापस खींचें।
- धीरे से श्वास अंदर लें और अपने माथे को आपकी जांघों के पास लटकने दें।
- अपने आसन को छोड़ने से पहले अपने हाथों को उठाकर सीधा बैठ जाएँ।
नोट: अगर आपकी पीठ सीधी नहीं होती है, तो आप एक तकिया या बोलस्टर का उपयोग करके इस आसन को कर सकते हैं।
सही आहार : शीघ्रपतन से निपटने के लिए सही आहार काफी महत्वपूर्ण होता है।
कुछ खाद्य पदार्थ शीघ्रपतन से निपटने में मददगार होते हैं। निम्नलिखित खाद्य पदार्थ शामिल करने से शीघ्रपतन की समस्या से निपटने में मदद मिलती है।
1. विटामिन C और बी कम्प्लेक्स युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें। उनमें सेब, नींबू, टमाटर, धनिया, पालक, खीरा, केले, अंजीर, खजूर आदि शामिल हैं।2. प्रोटीन समृद्ध आहार जैसे अंडे, मटन, मछली, दालें आदि शामिल करें।3. मूली, गाजर, शलगम जैसे सब्जियों का उपयोग करें। ये सब्जियां आपके शरीर के विटामिन और मिनरल स्तर को संतुलित बनाए रखती हैं।4. शक्कर, घी, मक्खन आदि तला हुआ या उबला हुआ भोजन नहीं खाना चाहिए।5. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना बहुत जरूरी है।
इन आहार सामग्रियों को शामिल करने से शीघ्रपतन से निपटने में मदद मिलती है। इसके अलावा, व्यक्ति को फल, सब्जी और पौष्टिक भोजन का सेव
सामान्य सेक्स शिक्षा :
सामान्य सेक्स शिक्षा उन सभी जानकारियों को समझना और सीखना है जो जीवन के एक महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में सेक्स से संबंधित होते हैं। यह सेक्स संबंधित जानकारियों को समझने और सीखने के माध्यम से लोग स्वस्थ रह सकते हैं और सेक्स संबंधित समस्याओं से बच सकते हैं।
सामान्य सेक्स शिक्षा के अंतर्गत विभिन्न विषय शामिल होते हैं जैसे कि जीवन का सही अनुभव, सेक्स संबंधी बुराईयों से बचना, नैतिक मूल्यों का सम्मान, उचित नियमों का पालन, संभोग से संबंधित समस्याओं का समाधान, गर्भनिरोधक के बारे में जानकारी, संभोग से संबंधित संक्रमण के बारे में जानकारी आदि।
सामान्य सेक्स शिक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है जो हर व्यक्ति को सीखना चाहिए। यह जानकारी न केवल सेक्स संबंधी समस्याओं से बचाती है, बल्कि इससे लोग सेक्स से संबंधित सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं जो उन्हें अपने सेक्स लाइफ को स्वस्थ बनाने में मदद करती है। सामान्य सेक्स शिक्षा अधिक संवेदनशील तरीके से समझाने से ज्यादा उपयोगी होती है, जैसे सेक्स एड्युकेशन, सेक्स थेरेपी आदि।
इससे अलग, आजकल कुछ ऑनलाइन सेक्स शिक्षा प्लेटफार्म भी हैं, जहाँ लोग सेक्स से संबंधित जानकारियों को आसानी से और संवेदनशील तरीके से सीख सकते हैं। ये प्लेटफार्म वीडियो वाले ऑनलाइन कोर्सेज, सेक्स एड्युकेशन बुक्स और सेक्स थेरेपी सेशंस आदि की सेवाएँ भी प्रदान करते हैं।
Frequently Asked Questions :
Ans :- शीघ्रपतन एक सामान्य पुरुष सेक्स समस्या है जिसमें व्यक्ति सेक्स के दौरान बहुत जल्दी उत्सुक हो जाता है और उनकी यौन संबंधों की अवधि बहुत कम होती है।
Q 2. शीघ्रपतन के मुख्य कारण क्या हैं?Ans :- शीघ्रपतन के कई कारण हो सकते हैं जैसे कि शारीरिक या मानसिक तनाव, हार्मोनल असंतुलन, दुर्बल नसों का होना आदि।
Q 3. शीघ्रपतन से निपटने के लिए क्या किया जा सकता है?
Ans :- शीघ्रपतन से निपटने के लिए कुछ प्राकृतिक उपचार जैसे कि प्राणायाम, योग, शरीरिक व्यायाम आदि किए जा सकते हैं। साथ ही सही आहार भी शीघ्रपतन से निपटने में मददगार होता है। अधिक तनाव वाले लोगों को ट्रांक्विलाइजर या एंटीडिप्रेशेंट दवाइयों का सेवन भी किया जाता है।
Q 4. क्या शीघ्रपतन का कोई इलाज है?
Ans :- हां, शीघ्रपतन का इलाज संभव है। यह आमतौर पर बदलती जीवनशैली और आहार, उपचार या दवाइयों की सहायता से किया जा सकता है।
Q 5. क्या शीघ्रपतन दवाइयों का सेवन करना सुरक्षित है?
Ans :- शीघ्रपतन दवाइयों को डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर की सलाह के बाद भी, दवाइयों के सेवन से पहले सावधानी बरतनी चाहिए ताकि दुर्घटनाएं और दुष्प्रभावों से बचा जा सके।
Q 6. क्या शीघ्रपतन के लिए घरेलू उपाय होते हैं?Ans :- शीघ्रपतन को दूर करने के लिए दवाई की जरूरत होती है तभी जब आपको इस समस्या से बचने के लिए अन्य उपायों जैसे प्राकृतिक उपचार, योग आदि काम नहीं कर रहे हों। डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाइयों का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण होता है और इसे सही तरीके से लेना चाहिए।
Q 8. क्या शीघ्रपतन से संबंधित समस्याएं किसी अन्य बीमारी से जुड़ी होती हैं?Ans :- शीघ्रपतन से जुड़ी समस्याएं अक्सर अन्य बीमारियों से जुड़ी होती हैं, जैसे कि नपुंसकता या इरेक्टाइल डिसफंक्शन (ED)। इसके अलावा, अधिक मात्रा में शीघ्रपतन के लिए दवाओं का सेवन बाकी सेक्सुअल समस्याओं को भी उत्पन्न कर सकता है, जैसे कि अंडरडेवलोपमेंट सिंड्रोम और गायनेकोमेस्टिया।
Q 9. क्या शीघ्रपतन से बचाव के लिए कोई टिप्स होते हैं?Ans :- हां, कुछ टिप्स शीघ्रपतन से बचने में मदद कर सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
- ध्यान दें कि सेक्स सेशन के दौरान अपने दिमाग को खाली रखें।
- अपने साथी के साथ सहयोगी बनें।
- प्राकृतिक उपचार आजमाएं, जैसे कि प्राणायाम, योग आदि।
- स्वस्थ खानपान अपनाएं और अल्कोहल और धूम्रपान से दूर रहें।
- विभिन्न सेक्स पोजीशंस का उपयोग करें।
- डॉक्टर से सलाह लें और उनके दिए गए निर्देशों का पालन करें।
Ans :- शीघ्रपतन की समस्या बहुत सामान्य है और इसके लिए आप खुद भी कुछ उपाय कर सकते हैं। हालांकि, यदि आपकी समस्या गंभीर है तो आप विशेषज्ञों से सलाह ले सकते है।
अगर यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है तो आपको अपने चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। वह आपको सही उपचार और दवाओं के बारे में बताएंगे जो इस समस्या को ठीक करने में मदद करेंगे।


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